अस्थमा ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद: हमारे देश में स्वांस संबंधी बीमारी कई बीमारी होने लगी जिसमें अस्थमा या दमा सबसे ज्यादा होने वाली बीमारी में से एक है और भारत में अस्थमा के मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है अस्थमा के कारण कई लोगों का खास खास कर बहुत बुरा हाल हो चुका है अस्थमा होने का मुख्य कारण किसी चीज से एलर्जी होना है. और ये बीमारी हर उम्र के लोगो में देखी जाती है चाहे वे बुजुर्ग हो बच्चे ये किसी को भी सकती है. और इसके अलावा भी इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे हवा में प्रदूषण, अस्थमा दमा जैसी बीमारियों को जन्म देता है.

हमारे वातावरण में दिन-ब-दिन कई प्रकार के बदलाव होते हैं जैसे अचानक बादल आना, मौसम का ठंडा हो जाना बहुत तेज गर्मी पड़ना, आदि और मानसिक उत्तेजना के कारण भी अस्थमा का रोग होता है ज्यादा कसरत और व्यायाम करने से गहरी सांस लेते हैं और इस के कारण अस्थमा क रोग होता है. एवं घर में मौजूद प्रदूषण जैसे कपड़े धोने के साबुन से एलेर्जी, भोज्य पदार्थ जैसे दूध, मछली,अंडा,टमाटर आदि से एलेर्जी, मिलावटी खाना, और घर के पालतू जानवर के संपर्क में आने से स्वांस सम्बन्धी बीमारियां होती है.

अस्थमा का अटैक हमें तब आता है जब शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और जिसके कारण हमारी सांसें भी फूलने लगती हैं क्योंकि ऑक्सीजन ही हमारे लिए प्राण वायु होती है. कभी-कभी तो इतनी परेशानी आती है कि सांस लेने में भी दिक्कत होती है तो इस समस्या से निपटने के लिए हम कई घरेलू उपाय ( अस्थमा ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद) कर सकते हैं जो कि बेहद आसान और सरल है और इनके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं और इन उपायों को करके आप अपने साँस से सम्बंधित बीमारी दमा जैसी बीमारियों को दूर कर सकते हैं.

दमा या अस्थमा को दूर करने के लिए आप शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि शायद एक आयुर्वेदिक औषधि है यदि आपको भी स्वांस सम्बन्धी अस्थमा की बीमारी है तो आप एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर यदि आप इसको अच्छी तरह से पीते है और सुबह सुबह तक सेवन करने से आपको आपको इस से संबंधी बीमारियां दूर हो जाएंगी. इसके अलावा एक कटोरी में शहद को लेकर और उसे सूंघने से भी सांस लेने की हर बीमारी दूर हो जाती है.

सरल अस्थमा ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद:- अदरक भी काफी फायदेमंद होता है यदि आप भी अदरक वाली चाय पीने के शौकीन है तो आपको अस्थमा जैसी बीमारी होगी ही नहीं क्योंकि अदरक के अंदर ऐसे एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जो आपकी सांस लेने वाली दिक्कतों को दूर करता है तो इस उपाय को करने के लिए आपको गर्म पानी में अदरक के टुकड़ों को डालना है और फिर इस पानी में दो से तीन कली लहसुन की भी डालना है और इस पानी को सुबह-शाम पीने से आपको अस्थमा की बीमारी में आराम मिलेगा.अंगूर दमे के रोगी के लिए बहुत लाभदायक हैं. अंगूर और अंगूर का रस दोनों का प्रयोग कर सकते हैं. कुछ चिकित्सकों का तो यहां तक कहना है कि दमे के रोगी को अंगूरों के बाग में रखा जाए तो शीघ्र लाभ होता है.

इलायची खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है और जितनी खुशबूदार होती है उतनी ही बीमारी को दूर करने में भी सहायक होती है और बड़ी इलायची खाने से आप को हिचकी और दमा की बीमारी में आराम मिलता है और इसका सेवन आप अपने खाने की सब्जी में भी डाल कर कर सकते हैं या फिर इसको गर्म पानी में उबालकर पीने से भी अस्थमा और स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियां दूर हो जाती हैं. या फिर अदरक और इलायची को मिलकर इसकी चाय बनाकर पीयेंगे तो भी सांस से समन्धि किसी भी बीमारी से बच सकते है चाहे वे दमा ही क्यों न हो.